वाराणसी। नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सोमवार को सिया...
वाराणसी। नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सोमवार को सियासी पारा अचानक बेहद गरमा गया। अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक पल्लवी पटेल को उनके करीब 100 से अधिक सक्रिय समर्थकों के साथ पुलिस ने बीएचयू (BHU) के मुख्य सिंहद्वार से गिरफ्तार कर लिया। पल्लवी पटेल सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों के साथ मिलकर बीएचयू गेट पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थीं, जिसके बाद वे लंका से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय (संसदीय कार्यालय) तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकालने वाली थीं। हालांकि, वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च को रोक दिया और सभी को जबरन पुलिस वैन में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया।
इस गिरफ्तारी के दौरान बीएचयू गेट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। जब पुलिसकर्मियों ने पल्लवी पटेल को जबरन खींचकर कैदी वैन (वैन) के भीतर बंद कर दिया, तो उमस और भीषण गर्मी के कारण अचानक उनकी सांस फूलने लगी और तबीयत बिगड़ गई। वैन के भीतर से चीखते हुए पल्लवी पटेल ने पुलिस अधिकारियों से कहा, "वैन का गेट तुरंत खोलो, मुझे बंद जगहों से घुटन होती है और पैनिक अटैक पड़ता है।" इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस वैन की खिड़कियां खोली गईं और उन्हें प्राथमिक राहत दी गई।
पेपर लीक की जांच न्यायिक निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग
हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए अपना दल (के) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि नीट परीक्षा में हुई ऐतिहासिक धांधली की जांच सिटिंग जजों (न्यायिक अधिकारियों) की सीधी देखरेख में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि पेपर लीक सिंडिकेट में लिप्त जितने भी बड़े चेहरे, राजनेता या कोचिंग माफिया हैं, उन सभी के नामों को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के शीर्ष अधिकारियों और परीक्षा नियंत्रकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत सख्त कार्रवाई कर उन्हें तत्काल सलाखों के पीछे भेजने की वकालत की। इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने तथा यूपीएसआई (UPSI) परीक्षा की पारदर्शिता के लिए तत्काल स्कोरकार्ड जारी करने की मांग उठाई।
"पाकिस्तान, कब्रिस्तान और मुसलमान की राजनीति से बाहर निकले सरकार"
पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रोजगार नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार को अब पाकिस्तान, कब्रिस्तान और मुसलमान की बांटने वाली राजनीति से बाहर निकलना चाहिए। डबल इंजन की सरकार को अब देश के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और लोकतंत्र को मजबूत करने वाली प्रगतिशील राजनीति की ओर बढ़ना चाहिए।" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रोजगार के नाम पर अवसरों की खुली लूट और परीक्षाओं में हो रही लगातार धांधली के कारण देश का युवा वर्ग अब इस सरकार से पूरी तरह नाराज हो चुका है और यह आक्रोश उन्हें एक बड़ी क्रांति की ओर उद्वेलित कर रहा है।
पुलिस कमिश्नर बोले— बिना अनुमति मार्च की जिद, कई नेता नजरबंद
इस प्रस्तावित मार्च को लेकर वाराणसी जिला और पुलिस प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह हाई अलर्ट पर मुस्तैद था। बीएचयू लंका गेट से लेकर गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय तक जाने वाले पूरे वीआईपी मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पीएसी (PAC) और पुलिस बल तैनात किया गया था। इस बड़े प्रदर्शन की भनक लगते ही पुलिस ने रविवार रात और सोमवार सुबह ही पूर्वांचल के कई छात्र नेताओं और विभिन्न विपक्षी संगठनों के पदाधिकारियों को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया था। मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि शहर में धारा 144 लागू है। पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों द्वारा इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और मार्च के लिए जिला प्रशासन से कोई विधिक अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है।
